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IPL 2021: चेन्नई सुपरकिंग्स फिर चैंपियन, चौथी बार जीता आईपीएल का खिताब, KKR का सपना तोड़ा

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दुबई. चेन्नई सुपरकिंग्स (Chennai Super Kings) ने आईपीएल 2021 का खिताब जीत लिया है. टीम ने फाइनल में केकेआर (KolKata Knight Riders) को 27 रन से हराया. सीएसके ने चौथी बार आईपीएल का खिताब जीता और सभी एमएस धोनी (MS Dhoni) की कप्तानी में. यह बतौर कप्तान धोनी का 300वां मैच था. इसके साथ टीम ने 2012 के आईपीएल फाइनल में केकेआर से मिली हार का बदला भी ले लिया. सीएसके ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट पर 192 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. जवाब में केकेआर की टीम 165 रन ही बना सकी. सीएसके के ओपनर बल्लेबाज फाफ डुप्लेसी ने 86 रन की शानदार पारी खेली.

लक्ष्य का पीछा करने उतरी केकेआर की टीम को भाग्य का साथ मिला. दूसरे ओवर की तीसरी गेंद पर एमएस धोनी ने वेंकटेश अय्यर का आसान कैच छाेड़ा. वे उस समय शून्य पर खेल रहे थे. गेंदबाज जोस हेजलवुड थे और टीम का स्कोर 6 रन था. इसके बाद गिल और अय्यर (50) ने पहले विकेट के लिए 10.4 ओवर में 91 रन जोड़कर केकेआर को शानदार शुरुआत दिलाई. अय्यर ने 32 गेंद का सामना किया. 5 चौके और 3 छक्के लगाए. अय्यर ने सीजन का चौथा अर्धशतक भी लगाया.

6 रन पर 3 विकेट लेकर की शानदार वापसी

केकेआर का स्कोर एक समय बिना विकेट के 91 रन था. 11वें ओवर की चौथी गेंद पर शार्दुल ठाकुर ने पहले अय्यर और इसी ओवर की अंतिम गेंद पर नीतीश राणा (0) को आउट किया. इसके बाद अगले ओवर में हेजलवुड ने सुनील नरेन (2) को आउट कर केकेआर को तीसरा झटका दिया. टीम का स्कोर 97 रन था. नरेन इस बार कुछ कमाल नहीं कर सके.

गिल भी अर्धशतक लगाकर लौटे

ओपनर बल्लेबाज शुभमन गिल 51 रन बनाकर दीपक चाहर की गेंद पर आउट हुए. बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज रवींद्र जडेजा ने 15वें ओवर में पहले दिनेश कार्तिक (9) और फिर शाकिब अल हसन (0) को आउट करके केकेआर को बैकफुट पर धकेल दिया. राहुल त्रिपाठी भी सिर्फ 2 रन बनाकर शार्दुल की गेंद पर आउट हुए. कप्तान मॉर्गन भी कुछ खास नहीं कर सके और 4 रन बनाकर हेजलवुड की गेंद पर आउट हुए. मावी 20 रन बनाकर अंतिम ओवर में आउट हुए. टीम 20 ओवर में 9 विकेट पर 165 रन ही बना सकी. फग्युर्सन 18 रन बनाकर नाबाद रहे. शार्दुल ठाकुर ने सबसे अधिक 3 विकेट लिए.

पहले विकेट के लिए जोड़े 61 रन

इससे पहले टॉस हारकर पहले खेलने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स को ऋतुराज गायकवाड़ और फाफ डुप्लेसी ने अच्छी शुरुआत दिलाई. दोनों ने पहले विकेट के लिए 8.1 ओवर में 61 रन जोड़े. ऋतुराज 27 गेंद पर 32 रन बनाकर सुनील नरेन की गेंद पर आउट हुए. इसके बाद उतरे रॉबिन उथप्पा (31) ने तेज हाथ दिखाए. उन्होंने 15 गेंद का सामना किया और 3 छक्के जड़े. वे भी नरेन का शिकार हुए. उन्होंने दूसरे विकेट के लिए 63 रन की साझेदारी की.

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डुप्लेसी ने सीजन का छठा अर्धशतक लगाया

मैच में डुप्लेसी को 2 रन पर जीवनदान मिला. तीसरे ओवर की पहली गेंद पर दिनेश कार्तिक शाकिब की गेंद पर उनकी स्टंपिंग चूक गए थे. प्लेसिस 59 गेंद पर 86 रन बनाकर पारी की अंतिम गेंद पर आउट हुए. यह उनका सीजन का छठा अर्धशतक था. डुप्लेसी और ऋतुराज दोनों ने मौजूदा सीजन में 600 से अधिक रन बनाए. 7 चौके और 3 छक्के लगाए. मोईन अली 20 गेंद पर 37 रन बनाकर नाबाद रहे. उन्होंने 2 चौका और 3 छक्का लगाया. नरेन के अलावा शिवम मावी को एक विकेट मिला. लॉकी फग्युर्सन ने 4 ओवर में 56 रन दिए.

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PHOTOS: बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार दशहरा देश भर में उल्लास के साथ मनाया गया

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Ramlila Celebrations: लंका नरेश रावण, उसके बेटे मेघनाद और भाई कुंभकरण का पुतला दहन किये जाने के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार दशहरा शुक्रवार को देशभर में उल्लास के साथ मनाया गया, जबकि पिछले साल कोविड-19 के मामले बढ़ने की वजह से समारोह फीका रहा था. नदियों और जलाशयों में प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ ही दुर्गा पूजा उत्सव शुक्रवार को संपन्न हो गया.



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KDDL Limited – Updates

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KDDL Limited has informed the Exchange regarding ‘ertificate under regulation 74(5) of the SEBI (DP) Regulations, 2018’…….



किसानों के आंदोलन के बीच कितने ‘दशानन’? कौन है ‘सिंघु बॉर्डर’ का असल रावण

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नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के पास जिस सिंघु बॉर्डर (Singhu Border) पर पिछले 11 महीनों से किसानों का प्रदर्शन (Farmers Protest) चल रहा है. वहीं पर कुछ निहंग सिखों (Nihang Sikh) ने एक व्यक्ति की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी है. उस व्यक्ति को सिर्फ मारा नहीं गया बल्कि तड़पा तड़पा कर मारा गया. 

तरणतारण का रहने वाला था लखबीर

निहंग सिखों (Nihang Sikh) के हाथों मरने वाले व्यक्ति का नाम लखबीर सिंह था. वह पंजाब के तरणतारण जिले का रहने वाला था. लखबीर सिंह एक दलित था. हमारे देश में दलितों के नाम पर खूब राजनीति होती है और दलितों पर हिंसा के बहाने हमारे देश के विपक्षी नेता राजनीति करने का एक भी मौका नहीं गंवाते. लेकिन लखबीर सिंह की हत्या पर सब चुप हैं और अब इसमें किसी को दलित एंगल दिखाई नहीं दे रहा.

निहंग सिखों ने काट दिए हाथ पैर

निहंग सिखों (Nihang Sikh) ने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के आरोप में उसका हाथ और पैट काट दिया था. इसका कटा हुआ हाथ इसके पास ही पड़ा था. आस पास खड़े निहंग सिख उससे कुछ कबूलवाने की कोशिश कर रहे थे. वायरल हुए वीडियो में निहंग सिख कह रहे थे कि उसने पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब का अपमान किया था. इसलिए इसके हाथ और पैर काट दिए गए.

वीडियो में दिख रहा निहंग सिख (Nihang Sikh) बार बार कह रहा था कि उनके गुरु का अपमान करने वालों को ऐसे ही सजा दी जाएगी. सवाल ये है कि अगर इस व्यक्ति ने सिखों के धार्मिक ग्रंथ का अपमान किया भी था तो इसे पकड़कर पुलिस को सौंपा जा सकता था. लेकिन ऐसा नहीं किया गया और उसे मौके पर ही जो सज़ा दी गई, वो आपको तालिबान की याद दिला देगी. आरोपियों का इससे भी मन नहीं भरा तो उन्होंने लखबीर सिंह को उसके कटे हुए हाथ के साथ ही उलटा लटका दिया और फिर एक बार उससे दोबारा जुर्म कबूल करवाने की कोशिश हुई.

गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान का आरोप

लखबीर सिंह बार बार कहता रहा कि उसने गुरु ग्रंथ साहिब का अपमान नहीं किया है. हालांकि वहां खड़ा कोई भी व्यक्ति उसकी बात मानने के लिए तैयार नहीं था. इस दौरान लखबीर सिंह तड़पता रहा, चीखता रहा, दर्द से करहाता रहा लेकिन वहां खड़े लोगों ने उसकी कोई मदद नहीं की और आखिरकार उसकी मौत हो गई. पोस्ट मार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि लखबीर सिंह के शरीर पर 10 से ज्यादा चोट के निशान थे और उनकी मौत ज्यादा खून बह जाने की वजह से हुई. 

इसके बाद लखबीर सिंह की लाश को सिंघु बॉर्डर (Singhu Border) पर ही एक Baricade से लटका दिया गया. यहां भी जो सिख मौजूद थे, वो इसकी हत्या पर खुश थे और कह रहे थे कि उन्हें किसी का कोई डर नहीं है. जिसे जो करना हो, वो कर ले. इनमें से एक निहंग सिख को तो प्रधानमंत्री मोदी के बारे में अप शब्द कहते हुए भी सुना गया.

लोगों को क्या संदेश दे रहे थे निहंग

सिंघु बॉर्डर पर चले किसान आंदोलन में खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले का पोस्टर लगा हुआ है. भिंडरावाला भारत को तोड़कर सिखों के लिए खालिस्तान बनाना चाहता था और उसने अपने इस सपने को पूरा करने के लिए पंजाब में सैंकड़ों लोगों का खून बहाया था. अब सवाल ये है कि क्या भिंडरावाले जैसे आतंकवादी से ही प्रेरणा लेकर सिंघू बॉर्डर पर एक व्यक्ति को इस तरह से मारा गया है?

इन निहंग सिखों (Nihang Sikh) ने लखबीर सिंह की लाश को सिंघु बॉर्डर (Singhu Border) से गुज़रने वाली एक ऐसी सड़क पर Baricade से लटकाया. जहां से रोज सैंकड़ों गाड़ियां गुजरती है. सवाल ये है कि एक लाश, जिसके हाथ और पैर कटे हुए हैं. उसे सार्वजनिक स्थान पर लटाकर क्या आम लोगों को डराने की कोशिश की गई? तालिबान भी लोगों के मन में  डर पैदा करने के लिए ऐसे ही किसी व्यक्ति के पहले हाथ और पैर काटता है और फिर उसे किसी सार्वजनिक स्थान पर लटका दिया जाता है.  

संयुक्त किसान मोर्चा ने घटना से पल्ला झाड़ा

हरियाणा पुलिस ने फिलहाल इस मामले में कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एक FIR दर्ज कर ली है. इस मामले में एक निहंग सिख जिसका नाम सरवजीत सिंह है उसे हिरासत में ले लिया गया है.  

संयुक्त किसान मोर्चा (Farmers Protest) के एक नेता का ये दावा है कि ये हत्या निहंग सिखों ने ही की है. संयुक्त किसान मोर्चा ने ये भी कहा है कि हत्या करने वालों और मारे गए व्यक्ति से उनके संगठन का कोई लेना देना नहीं है. प्रत्यक्षदर्शियों ने अपनी पहचान छिपाने की शर्त पर बताया कि जब लखबीर सिंह की सरेआम हत्या कर दी गई. उसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिस वाले भी इन निहंग सिखों के खिलाफ कार्रवाई करने से डर रहे थे.

निहंग सिखों ने फेसबुक पर ली जिम्मेदारी

इस हत्याकांड के बाद बाबा बलवान सिंह नाम के एक व्यक्ति ने Facebook पर एक वीडियो पोस्ट करके इस हत्या की जिम्मेदारी ली. साथ ही इस व्यक्ति ने इस वीडियो में लोगों को अपना फोन नंबर भी दिया और कहा कि कोई चाहें तो वो इस नंबर पर कॉल करके इस हत्या की जानकारी ले सकता है.

जो नंबर इस व्यक्ति ने दिया था, उस पर ज़ी न्यूज ने कॉल किया. उस व्यक्ति ने फोन उठाकर कहा कि वो अभी सिंघु बॉर्डर (Singhu Border) पर ही मौजूद है और अगर कोई भी चाहे तो वो आकर इस बारे में बात कर सकता है. अब सवाल ये है कि अगर ये व्यक्ति सच में सिंघू बॉर्डर पर मौजूद है तो पुलिस ने अभी तक इसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया है. 

इसके अलावा बाबा नारायण सिंह नाम के एक निहंग सिख (Nihang Sikh) ने भी अपनी Facebook Post में ये दावा किया था कि उसने लखबीर सिंह के पैर काटे थे. वहीं अमनदीप सिंह नाम के एक निहंग सिख ने उसके हाथ काटे थे. हालांकि बाद में इस Facebook Post को डिलीट कर दिया गया. लखबीर सिंह के घर वालों का कहना है कि वो तो सिर्फ एक सेवादार था और उस पर गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान के झूठे आरोप लगाए गए हैं. 

विपक्षी पार्टियों ने लगाया सरकार पर आरोप

इस पूरे मामले पर हमेशा की तरह राजनीति भी शुरू हो गई है. विपक्षी पार्टियां सरकार पर आंदोलन को बदनाम करने का आरोप लगा रही है. वहीं बीजेपी कह रही है कि अब ये आंदोलन समाप्त कर दिया जाना चाहिए.

पिछले वर्ष पटियाला में भी ऐसी ही एक घटना सामने आई थी. जब निहंग सिखों ने एक पुलिस इंस्पेक्टर का हाथ सिर्फ इसलिए काट दिया था क्योंकि उसने उन्हें सब्जी मंडी में प्रवेश की इजाजत नहीं दी थी. उस समय पंजाब समेत पूरे देश में LockDown लगा हुआ था.

इसी तरह जब 2020 की शुरुआत में दिल्ली में दंगे हुए थे, तब भी एक निहंग सिख (Nihang Sikh) हाथ में तलवार लेकर एक पुलिस वाले के पीछे दौड़ रहा था. इसी साल 26 जनवरी के मौके पर लाल किले के पास हिंसा हुई थी.तब भी कुछ निहंग सिखों ने आस पास खड़े लोगों को और पुलिस वालों को डराने की कोशिश की थी.

शुक्रवार को सिंघु बॉर्डर पर हुई हत्या के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है. याचिका में मांग की गई है कि अब इस आंदोलन को समाप्त करा दिया जाए.

320 साल पुराना है निहंगों का इतिहास

जिन निहंग सिखों पर इस व्यक्ति की हत्या का आरोप है, उनका इतिहास 320 वर्ष पुराना है. वर्ष 1699 में सिखों के आखिरी गुरु, गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की शुरुआत की थी. खालसा पंथ के पास दो तरह के सैनिक थे. एक वो, जो साधारण कपड़े पहनते थे और दूसरे वो जो नीले रंग के कपड़े पहनते थे. नीले रंग के कपड़े पहनने वालों को ही निहंग कहा गया. 

कुछ लोग मानते हैं कि निहंग (Nihang Sikh) फारसी भाषा का शब्द है. जिसका अर्थ होता है मगरमच्छ या तलवार. जबकि कुछ लोग इसकी उत्पत्ति संस्कृत के निशंक शब्द से मानते हैं. जिसका मतलब होता है निडर और शुद्ध.

खालसा पंथ में निहंग सैनिकों को शामिल करने का उद्धेश्य था आक्रमणकारियों से धर्म की रक्षा करना. 18वीं शताब्दी में जब अफगानिस्तान से आए अहमद शाह अब्दाली ने पंजाब पर कई बार आक्रमण किया तो उसे रोकने में निहंग सिखों की बड़ी भूमिका थी. निहंग सिख सैनिक बहुत शानदार योद्धा माने जाते थे. इनके बारे में कई अंग्रेज़ अफसरों ने भी लिखा था कि उन्होंने कहीं भी निहंगों से बेहतर तलवारबाज़ और तीरंदाज़ नहीं देखे.

मुस्लिम हमलावरों से लड़ने में अहम भूमिका

महाराजा रणजीत सिंह की सेना में भी निहंगों का एक जत्था हुआ करता था. जो खतरनाक इस्लामिक आक्रमणकारियों से लड़ने में माहिर था. निहंग सिखों का धार्मिक चिह्न निशान साहिब भी नीले रंग का होता है जबकि बाकी के सिख केसरी रंग के निशान साहिब को अपना धार्मिक चिन्ह मानते हैं. 

अब सवाल ये है कि जो सेनाएं एक जमाने में धर्म की रक्षा करने के लिए बनाई गई थी. उनका आज के दौर में क्या काम है? अगर ये परंपरा का हिस्सा है तो फिर परंपरा के नाम पर इन्हें कत्ले आम की इजाजत कैसे दी सकती है?

भारत को आक्रमणकारियों से बचाने में निहंगों (Nihang Sikh) की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता. लेकिन अगर इन्ही में से कोई अपने ही देश में लोगों के हाथ पांव काटने लगे और उनकी हत्याएं करने लगे तो फिर तालिबान और हमारे देश के लोकतंत्र में फर्क ही क्या रह जाएगा.

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क्या हिंसक तत्वों ने हाई जैक कर लिया आंदोलन

सिंघू बॉर्डर पर जो कुछ हुआ, वो ये बताता है कि अब इस आंदोलन को हिंसक लोगों ने हाईजैक कर लिया है. अब इस आंदोलन में किसानों की नहीं चल रही बल्कि यहां उन लोगों का कब्ज़ा है जो भिंडरावाला जैसे आतंकवादी को अपना आदर्श मानते हैं और जो अब हिंसा के दम पर अपनी शर्तें मनवाना चाहते हैं. 

इसलिए अब इस आंदोलन (Farmers Protest) को खत्म करने का समय आ गया है. किसानों को भी इस बारे में सोचना चाहिए और सरकार को भी अब सख्त कदम उठाते हुए इस आंदोलन को खत्म करवाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए.

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फेसबुक पर फर्जी डिस्काउंट के खेल की कहानी, साइबर रावण से कैसे बचें?

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नई दिल्ली: एक पल के लिए कल्पना कीजिए कि अगर रावण आज के जमाने में होता तो वो किस रूप में होता है. आज के जमानें में आपको उसका एक साइबर रूप दिखाई देता है. त्योहारों के मौसम में इंटरनेट पर ऑनलाइन फ्रॉड के जरिए जो अपराधी लोगों को लूट रहे हैं वो भी किसी रावण से कम नहीं हैं. त्योहारों का मौसम है और ऑनलाइन सामान बेचने वाली वेबसाइट पर इस समय डिस्काउंट की भरमार है. हर कोई चाहता है कि वो इन डिस्काउंट ऑफर्स का फायदा उठाए. लेकिन क्या आप जानते हैं कि डिस्काउंट के लालच में ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले 56 प्रतिशत भारतीय ठगी का शिकार हो जाते हैं. पिछले कुछ दिनों में ऑनलाइन सामान बेचने वाली कंपनियां 36 हजार करोड़ रुपये के प्रोडक्ट फेस्टिव सेल के दौरान बेच चुकी हैं. लेकिन इसी की आड़ में बहुत सारे साइबर अपराधी लोगों के साथ धोखा धड़ी कर रहे हैं.

फेसबुक-इंस्टाग्राम पर आने वाले Ads

पिछले कुछ दिनों में एक फर्जी वेबसाइट के सहारे हजारों लोगों के साथ धोखाधड़ी की गई है. इस वेबसाइट का नाम है वेल बॉय मॉल डॉट कॉम (Well Buy Mall Dot Com). साइबर अपराधियों ने पहले इस वेबसाइट पर अलग-अलग प्रोडक्ट्स पर 50 से 80 प्रतिशत तक के डिस्काउंट ऑफर्स के विज्ञापन डाले और फिर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी ये विज्ञापन शुरू कर दिए गए. आमतौर पर लोग फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आने वाले ऐसे विज्ञापनों पर शक नहीं करते. इसी वजह से बहुत सारे लोगों ने विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक कर दिया और अपनी पसंद का सामान सलेक्ट करने के बाद इसके लिए ऑनलाइन पेमेंट भी कर दी. फिर प्रोडक्ट की डिलिवरी का इंतजार करने लगे. लेकिन जब लंबे इंतजार के बाद भी प्रोडक्ट डिलिवर नहीं हुआ तो लोगों ने वेबसाइट पर जाकर अपना ऑर्डर ट्रैक करने की कोशिश की. लेकिन तब ये पूरी वेबसाइट ही इंटरनेट से गायब हो चुकी थी.

प्रोडक्ट्स पर डिस्काउंट कहीं भारी न पड़ जाए

फेसबुक पर जब किसी विज्ञापन के फर्जी होने की शिकायत की जाती है तो फेसबुक इसकी जांच के लिए 7 से 30 दिनों का समय लेती है. लेकिन इस फर्जी वेबसाइट ने इतने दिनों में ही हजारों लोगों को ठग लिया. हालांकि अब तक की जांच से ये पता चला है कि इस वेबसाइट को चीन से ऑपरेट किया जा रहा था. इसी साल अगस्त में दिल्ली पुलिस ने भी ऐसे कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था जो ऐसी ही एक फर्जी वेबसाइट बनाकर 10 हजार लोगों से 25 करोड़ रुपये ठग चुके थे. अगर आप भी ऑनलाइन शॉपिंग करने के लिए शौकीन हैं और भारी डिस्काउंट आपको भी आकर्षित करते हैं. तो संभव है कि आप भी किसी न किसी दिन इस ऑनलाइल स्कैम का शिकार हो जाएं. 

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भारत की ‘भूख’ की सच्चाई, भुखमरी पर इंडेक्स भरोसे लायक नहीं!

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नई दिल्ली: भारत में आज के रावण का एक रूप गरीबी और भुखमरी भी है. 2021 के Global Hunger Index के मुताबिक भारत भुखमरी के मामले में दुनिया के 116 देशों में 101 नंबर पर है, पिछले वर्ष भारत इसमें 94वे नंबर पर था. इस इंडेक्स का दावा है कि इस मामले में भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश भी भारत से अच्छी स्थिति में हैं.

सरकार ने इंडेक्स को बताया गलत

इस इंडेक्स में नेपाल और बांग्लादेश 76वें नंबर पर हैं जबकि पाकिस्तान की रैंक 92 है. भारत की स्थिति सिर्फ 15 देशों से अच्छी है और इनमें अफगानिस्तान, नाइजीरिया, कांगो, सोमालिया और यमन जैसे देश शामिल हैं. लेकिन भारत सरकार ने इस ग्लोबल हंगर इंडेक्स का पुरजोर खंडन किया है और कहा है कि इसे तैयार करने के लिए जो गणना की गई वो ठीक नहीं है.

सरकार का कहना है कि भुखमरी का पता लगाने के लिए वेट और हाइट जैसे आंकड़ों की जरूरत पड़ती है. लेकिन ये इंडेक्स Gallup नाम की एक संस्था के उन आंकड़ों के आधार पर जारी किया गया है जो जनसंख्या से जुड़े हैं और इसे तैयार करने के लिए जरूरी वैज्ञानिक पद्धति को नहीं अपनाया गया.

गरीबों को मिल रहा मुफ्त अनाज

ग्लोबल हंगर इंडेक्स में कहा गया है कि भुखमरी के मामले में भारत की स्थिति बहुत चिंताजनक है और Covid 19 के बाद से हालात ज्यादा बिगड़े हैं. लेकिन एक सच ये भी है कि लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत भारत के 80 करोड़ लोगों को हर महीने पांच किलो मुफ्त अनाज दिया गया और ये योजना अब भी चल रही है.

इस योजना पर अब तक 2 लाख 27 हजार करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं जो भारत के रक्षा बजट का 64 प्रतिशत है. इसके अलावा लॉकडाउन के दौरान देश की 20 करोड़ महिलाओं को तीन महीने तक हर महीने 500-500 रुपये की आर्थिक सहायता भी दी गई .

देश में गरीबों की संख्या घटी

संयुक्त राष्ट्र की ही एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 10 वर्षों में भारत के 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं और अब 1990 के मुकाबले भारत में गरीबों की संख्या आधी हो चुकी है. लेकिन पश्चिमी देशों की गैर सरकारी संस्थाओं को ये सब दिखाई नहीं देता और ये जब भी भारत के मामले कोई रिपोर्ट तैयार करते हैं तो उसमें भारत की स्थिति को अक्सर खराब दिखाया जाता है.

हम ये नहीं कह रहे कि भारत के सभी लोगों को अब भरपेट भोजन मिल रहा है. लेकिन जितनी खराब स्थिति इन इंटरनेशनल रिपोर्ट्स में दिखाई जाती है, भारत उससे कहीं बेहतर स्थिति में है. एक समय था जब भारत के लोग इस तरह की रिपोर्ट्स को स्वीकार कर लेते थे, तब ये पश्चिमी देश किसी प्रोफेसर की तरह भारत को लेक्चर देते थे और भारत चुपचाप इनकी बातों को स्वीकार कर लेता था. लेकिन ये नया भारत है और अब भारत इन्हें अच्छी तरह से जवाब देना सीख गया है.





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‘गुलाबो सिताबो’ की ‘फातिमा बेगम’ नहीं रहीं, उमराव जान में भी निभाई थी भूमिका

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फिल्म गुलाबो सिताबो की फातिमा बेगम फर्रुख जाफर नहीं रहीं. फर्रुख जाफर को फिल्म गुलाबो सिताबो में उनके इस जबरदस्त किरदार के लिए फिल्म फेयर अवार्ड मिला था. वह 89 वर्ष की थीं. 

मशहूर अदाकारा फर्रुख जाफर का 89 साल की उम्र में निधन (फाइल फोटो)





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IPL फाइनल का शॉकिंग कैच: चौके पर चौके जड़ रहे गिल आउट हुए, लेकिन कैच से पहले गेंद ने स्पाइडर कैम को छू लिया, और बॉल डेड हो गई

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  • Gill Was Out, Hitting Four Boundaries, But Before The Catch, The Ball Touched The Spider Cam, Dhoni’s Face Hanged.

एक घंटा पहले

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IPL के फाइनल में एक लम्हा ऐसा आया, जब किस्मत के धनी वाले कहे जाने वाले महेंद्र सिंह धोनी की किस्मत भी धोखा दे गई। उस लम्हे के बाद चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान माही का चेहरा लटक गया। मामला था कोलकाता नाइटराइडर्स के ओपनर शुभमन गिल का।

शुभमन गिल शानदार बैटिंग कर रहे थे। वो एक के बाद एक शानदार चौके जड़ रहे थे। जब 30 रन बनाकर खेल रहे थे, तब उन्होंने एक गगनचुंबी शॉट खेला, लेकिन अचानक गेंद नीचे गिरने लगी।

नीचे खड़े फील्डर अंबाती रायडू ने काफी मशक्कत करके कैच को पकड़ लिया। पहले तो शुभमन गिल वापस जाने लगे, लेकिन थोड़े समय में दोनों अंपायर एक-दूसरे के पास आए और कुछ डिस्कस करने लगे।

बाद में कैमरे पर देखा गया तो गेंद हवा में तैरते वक्त मैच की कवरेज के लिए लगाए गए स्पाइडर कैम से छू गई थी। अंपायरों ने थोड़ी देर तक आपस में चर्चा की। कुछ नियम-कानून समझे और तय किया इसे डेड बॉल दी जाएगी और शुभमन गिल आउट नहीं माने जाएंगे।

उस दौरान कप्तान धोनी एकदम अंपायर के पास आकर खड़े हो गए थे। ऐसा माना जाता है कि क्रिकेट के नियमों के मामले में धोनी भी कई लोगों को चौंका देते हैं। यहां उनकी समझदारी और किस्मत दोनों धोखा दे गई। वो शुभमन गिल को पिच पर वापस लौटते हुए देखते रहे। तब उनका चेहरा लटका हुआ था।

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IPL 2021 Final: सलमान भी हैं माही के फैन, बोले- जो बोलेगा धोनी में अब दम नहीं…

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नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग 2021 का फाइनल (IPL 2021 Final) मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच खेला गया. सीएसके और केकेआर के बीच फाइनल (CSK vs KKR) मुकाबला शुरू होने से पहले बॉलीवुड के भाईजान सलमान खान (Salman Khan) स्टार स्पोर्ट्स के शो में पहुंचे. सलमान अपने बहनोई आयुष शर्मा के साथ यहां अपनी फिल्म ‘अंतिम: द फाइनल ट्रूथ’ (Antim) के प्रमोशन के लिए आए थे, लेकिन उन्होंने इस दौरान चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) की जमकर तारीफ की. सलमान ने हालांकि कहा कि जो टीम आज बेहतर खेलती है, उसे ही जीतना चाहिए.

सलमान खान ने शो के दौरान महेंद्र सिंह धोनी के आलोचकों को जवाब भी दिया. उन्होंने धोनी की तारीफ करते हुए और उनके आलोचकों को जवाब देते हुए कहा, ”पिछले साल जब लोग बात कर रहे थे कि एमएस धोनी अब खत्म हो गए हैं. जब-जब लोग कहेंगे कि धोनी में अब दम नहीं है, तब-तब वो आपको गलत साबित कर देते हैं. आज देख लीजिए एमएस धोनी फाइनल में पहुंच गए हैं.” इसके साथ ही सलमान ने धोनी के आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2021 में टीम इंडिया का मेंटॉर बनने पर भी टिप्पणी की.
IPL 2021: ऋतुराज गायकवाड़ ने जीता ऑरेंज कैप, बनाया नया इतिहास, विराट कोहली को भी छोड़ा पीछे

सलमान खान ने कहा, ”धोनी वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के मेंटॉर बन रहे हैं तो वह भी यंगस्टर बनना चाहते हैं ताकि धोनी उनके मेंटॉर बन सकें.” बता दें कि सलमान खान और आयुष शर्मा की फिल्म ‘अंतिम: द फाइनल ट्रूथ’ 26 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. सलमान खान इस फिल्म में इंस्पेक्टर राजवीर सिंह की भूमिका में नजर आएंगे. इस फिल्म के मुख्य रोल में उनकी बहन अर्पिता शर्मा के पति आयुष शर्मा हैं. सलमान ने इस स्पेशल शो के दौरान फैन्स से बात भी की और कहा कि वह भी हमेशा से धोनी के फैन हैं.

बता दें कि कोलकाता नाइट राइडर्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेले गए फाइनल मुकाबले में केकेआर के कप्तान ऑयन मॉर्गन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया. पहले बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स ने 20 ओवर में 192 रन बनाए और केकेआर के सामने जीत के लिए एक बड़ा लक्ष्य रखा.

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फाइनल मैच में फाफ ने चेन्नई के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए. फाफ ने सबसे पहले ओपनर रुतुराज गायकवाड़ (27 गेंदों पर 32 रन) के साथ 61 रन की साझेदारी की. इसके बाद फाफ ने रोबिन उथप्पा (15 गेंदों पर 31 रन, तीन छक्के) के साथ दूसरे विकेट के लिए 63 रन की साझेदारी की. आउट होने से पहले उन्होंने मोईन अली (20 गेंदों पर नाबाद 37, दो चौके, तीन छक्के) के साथ तीसरे विकेट के लिए 68 की शानदार साझेदारी की.

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Best face scrub: इन दो चीजों को मिलाकर करें स्क्रब, दाग-धब्बे और मुंहासे हो जाएंगे गायब, चमकने लगेगा चेहरा

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Best face scrub: अगर आप चेहरे पर नेचुरल ग्लो चाहती हैं तो ये खबर आपकी मदद कर सकती है. इस खबर में हम आपके लिए एक ऐसा नुस्खा लेकर आए हैं, जिससे चेहरे की की समस्याओं को खत्म किया जा सकता है. स्किन एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि प्राकृतिक सामग्री से बना फेस स्क्रब आपकी त्वचा को ग्लोइंग लुक देने में काफी मदद कर सकता है. हम जिस नुस्खे के बारे में आपको जानकारी दे रहे हैं वो ग्रीन टी और टमाटर (Green tea and tomato scrub) से तैयार होता है. 

ग्रीन टी और टमाटर से तैयार स्क्रब (Green tea and tomato scrub) से आप एक खूबसूरत चेहरा पा सकती हैं. स्क्रबिंग त्वचा की मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है. ये त्वचा के छिद्रों को साफ करता है. खुले रोमछिद्र ब्रेकआउट और मुंहासों का प्रमुख कारण हैं. आप टमाटर और ग्रीन से तैयार स्क्रब का इस्तेमाल कर सकती हैं.

टमाटर त्वचा के लिए कैसे फायदेमंद ? (How tomato is beneficial for the skin)
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो टमाटर लाइकोपीन, अल्फा और बीटा-कैरोटीन, एस्कॉर्बिक एसिड और विटामिन ए से भरपूर होते हैं. इनमें शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं. ये त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करता है. टमाटर में लाइकोपीन होता है, जो एक एंटीऑक्सीडेंट है. ये उम्र बढ़ने के संकेतों को कम करने में मदद करता है. टमाटर का कसैला प्रभाव त्वचा के छिद्रों को साफ और सिकोड़कर, अधिक तेल उत्पादन को कम करने में मदद करता है. 

ग्रीन टी त्चचा के लिए कैसे लाभकारी है (How Green Tea is Beneficial for the Skin)
ग्रीन टी त्वचा के लिए बेहद लाभकारी है. ग्रीन टी में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीकार्सिनोजेनिक गुण होते हैं, जो त्वचा के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं. ये गुण रोमछिद्रों को खोल सकते हैं, मुंहासों से लड़ सकते हैं और अधिक तेल उत्पादन को कम कर सकते हैं.

ग्रीन टी और टोमैटो फेस स्क्रब बनाने की विधि (How to make Green Tea and Tomato Face Scrub)

  1. ग्रीन टी बैग – 1
  2. टमाटर – 1
  3. जैतून का तेल – 1 छोटा चम्मच

इस तरह तैयार करें स्क्रब 

  • सबसे पहले टमाटर को मैश करके पेस्ट बना लें. 
  • अब मैश किए हुए टमाटर में ग्रीन टी और ऑलिव ऑयल मिलाएं. 
  • मिश्रण को कम से कम 10 मिनट तक ऐसे रखा रहने दें. 
  • अपने चेहरे और गर्दन पर फेस स्क्रब से धीरे से मसाज करें.
  • इसे 5 से 10 मिनट तक लगा रहने दें. 
  • अपने चेहरे और गर्दन को हल्के गर्म पानी से धो लें. 
  • हफ्ते में कम से कम एक या दो बार इस ग्रीन टी और टमाटर फेस स्क्रब का इस्तेमाल करें.

फायदा- ग्लोइंग और फ्रेश त्वचा के लिए यह फेस स्क्रब बेहद कारगर है.

यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है. यह सिर्फ शिक्षित करने के उद्देश्य से दी जा रही है.





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