‘वाजपेयी युग की विचारधारा देश की राजनीति से हुई अस्त’- सामना में शिवसेना ने BJP पर साधा निशाना

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Devendra Fadanvis: सामना के संपादकीय में बीजेपी के दिवंगत नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) की कविता का जिक्र करते हुए शिवसेना ने बीजेपी पर हमला बोला है. सामना में कहा गया है कि अगर बीजेपी ने बड़ा मन पहले ही दिखाया होता तो ये नौबत ही नहीं आई होती.

सामना में लिखा गया है कि करार के अनुरूप दिए गए वचन का पालन करने का ‘बड़ा मन’ बीजेपी ने ढाई साल पहले ही दिखाया होता तो बचाव के नाम पर ‘बड़े मन’ की ढाल सामने लाने की नौबत इस पार्टी पर नहीं आई होती. महाराष्ट्र में अस्थिरता पैदा करने के लिए जो राजनीतिक नौटंकी कराई जा रही है, उस नौटंकी के अभी और कितने भाग बाकी हैं, इस बारे में आज कोई भी नहीं कह सकता. घटनाक्रम ही इस तरह से घट रहे हैं या घटनाएं कराई जा रही हैं कि राजनीतिक पंडित, चाणक्य और पंडित भी सिर पर हाथ रखकर बैठ गए हैं.

अटल बिहारी वाजपेयी की कविता, बीजेपी पर निशाना

सामना में लिखा गया कि भारतीय जनता पार्टी के स्वर्गीय नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने भी अपनी एक कविता में कहा ही है…

छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता,

टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता

लेकिन इन पंक्तियों से पहले इसी कविता में वाजपेयी कहते हैं-

हिमालय की चोटी पर पहुंच,

एवरेस्ट विजय की पताका फहरा,

कोई विजेता यदि ईर्ष्या से दग्ध,

अपने साथी से विश्वासघात करे

तो उसका क्या अपराध

इसलिए क्षम्य हो जाएगा कि

वह एवरेस्ट की ऊंचाई पर हुआ था?

नहीं, अपराध अपराध ही रहेगा

हिमालय की सारी धवलता

उस कालिमा को नहीं ढक सकती!

इस कविता के माध्यम से शिवसेना ने सामना में कहा है कि वायपेयी युग की उनकी विचारधारा देश की राजनीति से कब की अस्त हो गई है. बीजेपी पर हमला करते हुए कहा गया है कि काले को सफेद और सफेद को काला बनानेवाला नया युग अब यहां अवतरित हुआ है. इसीलिए छोटे मन और बडे मन की बात नए सिरे से कही जा रही है. लोकतंत्र का वस्त्रहरण करके महाराष्ट्र में कराए गए इस राजनीतिक ड्रामे के और कितने भाग सामने आएंगे इसे अब देखना होगा.

देवेंद्र फडणवीस बेमन वाले डीसीएम

सामना में लिखा है, “जो होना था हो गया, लेकिन सबसे झकझोरने वाला ऐसा क्लाइमेक्स हुआ. उपमुख्यमंत्री बनने वाले अचानक मुख्यमंत्री बन गए और हम काश मुख्यमंत्री बनेंगे, ऐसा लगने वाले को उपमुख्यमंत्री पद स्वीकार करना पड़ा. बेमन से देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने इसे स्वीकार भी किया. सामना (Saamana) में देवेंद्र फडणवीस पर हमला करते हुए कहा गया कि इस ‘क्लाइमेक्स’ पर टिप्पणी, समीक्षा, परीक्षण की भरमार होने के दौरान ‘बड़ा मन’ और ‘पार्टी के प्रति निष्ठा का पालन’ ऐसा एक बचाव सामने आया. ‘फडणवीस ने मन बड़ा करके मुख्यमंत्री (Chief Minister) के पद की बजाय उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) का पद स्वीकार किया’, ऐसा तर्क अब दिया जा रहा है.”

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