Benefits Of Kapalbhati: एक जगह बैठकर करें यह आसन, आसपास भी नहीं आएंगी बीमारियां, मिलेंगे कमाल के फायदे

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Benefits Of Kapalbhati Pranayama: योग, आपके मन और शरीर को स्वस्थ रखने का बेहतरीन विकल्प है. नियमित योग करने से आप कई बीमारियों से बच सकते हैं. इसलिए आज हम आपके लिए लेकर आए हैं कपालभाति योग के फायदे. जी हां अगर आप इसका नियमित अभ्यास करते हैं तो आपको जरबदस्त लाभ मिलेंगे.

यह आसन सबसे लोकप्रिय योग आसनों में से एक है, जो श्वसन क्रिया में सुधार करता है. यह न केवल व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभ प्रदान करता है, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य में भी सुधार कर सकता है.

शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाने में मददगार
योग एक्सपर्ट्स कहते हैं कि कपालभाति आसन में सांस लेने का यह उन्नत अभ्यास रक्त में कार्बनडाई ऑक्साइज लेवल को कम करने में मदद करता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाने में मदद मिलती है. इस श्वास तकनीक में ‘सक्रिय सांस छोड़ना और निष्क्रिय सांस लेना’ शामिल है और शरीर में लो ब्लड सर्कुलेशन को ठीक करने में मदद करता है. 

कैसे करते हैं कपालभाति आसन (How to do Kapalbhati posture)

  1. सबसे पहले वज्रासन या पद्मासन में बैठ जाएं
  2. इसके बाद अपने दोनों हाथों से चित्त मुद्रा बनाएं.
  3.  अब इसे अपने दोनों घुटनों पर रखें.
  4. गहरी सांस अंदर की ओर लें और झटके से सांस छोड़ते हुए पेट को अंदर की ओर खींचें.
  5. ऐसा कुछ मिनट तक लगातार करते रहें, एक बार में इसे 35 से लेकर 100 बार करें.
  6. कपालभाति करने के बाद थोड़ी देर तक ताली बजाएंगे, तो ज्यादा फायदे मिलेंगे.

कपालभाति आसन के फायदे (Benefits of Kapalbhati posture)

  • लिवर और किडनी से जुड़ी समस्या ठीक होती है.
  • यह दिमाग को तनावमुक्त भी करता है.
  • यह आपके फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाता है, और उन्हें मजबूत करता है.
  • याददाश्त और एकाग्रता शक्ति में सुधार होता है. 
  • चिंता और तनाव को दूर करने की एक विश्वसनीय तकनीक है.
  • त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार करता है.

ये सावधानियां रखें

  1. कपालभाति करते वक्त आप सांस लेने की स्पीड को घटाएं या बढ़ाएं नहीं, एक समान रखें.
  2. इस आसन को करते वक्त आपका पूरा ध्यान पेट के मूवमेंट पर होना चाहिए, सांसों पर नहीं.
  3. कपालभाति करते समय आपके कंधे नहीं हिलने चाहिए.
  4. सांस अंदर लेते वक्त पेट बाहर की ओर और सांस छोड़ते वक्त पेट अंदर की ओर होना चाहिए.
  5. हार्निया,अल्सर या फिर सांस की बीमारी वाले लोग इसे न करें.

खबर में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है. हमारा उद्देश्य केवल आपको योग के प्रति जागरुक करने का है. आप इस आसन को योग गुरू की देखरेख में ही करें…

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